19/09/2012

United Puppetshow Association (UPA)

(c) Anupam Dixit
बाबू मोशाय ! हम सब इनके हाथों की कठपुतलियाँ हैं









17/09/2012

हवा हवाई

हवा हवाई एक गाना है । उसी फिल्म का, जिसका नायक गायब हो जाता है। आज यह “हवा” और “हवाई” शब्द महत्वपूर्ण हैं। शेयर बाज़ार का खेल ही कुछ ऐसा है। इसमें लोग हवाई आकांक्षाओं के हवाई किले बनाते हैं। उनसे बनता है “हवाई” पैसा। इसमें खिलाड़ी दूसरों के पैसों से खेलते हैं। ज़ाहिर है, अपना पैसा हो तो डर लगे पर दूसरों के पैसों का क्या डर? लगाओ दबा के। और जब पैसा बन जाए तो कहीं पैसा बनाने वाला इसे दबा कर ना बैठ जाए इसलिए उसे उड़ाने के लिए प्रेरित किया जाए। अमेरिकन संस्कृति(?) है ही ऐसी। चादर में ही मत सिमटो। चादर को बड़ा मान कर चलो (अर्थात अपनी क्षमताओं की हवाई सीमाएं बनाओ) और फिर जितना मन चाहे पैर फैलाओ। इसीलिए अमेरिका में हवाई का बड़ा क्रेज़ है। वहाँ का जो कुछ और जैसा साहित्य है जैसे की फिल्में, उपन्यास और टीवी सीरियल्स आदि से पता चलता है की “हवाई” (द्वीप) का वहाँ वही महत्व है जो अपने यहाँ प्रेस्टीज़ प्रेशर कुकर का